Wednesday, June 18, 2008

मेरी कुंवारी भाभी


जैसा की आप सब जानते है मेरा नाम x है..अभी 23 साल उमर है मेरी लेकिन चुदाई के बारे में मै पूरा तैयार हूँ...कहानी क़रीब 2 साल पहले की है..मेरे घर में मै माँ और पिताजी ही थे..मेरी उमर उस समय 21 साल की थी मेरा लंड 7.5 लंबा और 2.5 इंच मोटा है..लेकिन मुझे सेक्स का कोई अनुभव नही था..हाँ मूठ मार लेता था..मै इंजीनियरिंग कर चुका था और अभी नौकरी के लिए प्रयत्न कर रहा था. एक दिन , सुबह 7:00 ऍम पर मै जब उठा और बाथरूम जा रहा था की घर की दरवाजे की घंटी बजी..खोल के देखा तो मेरी मौसी का लड़का रमेश और उसकी बीवी रचना आए है. माँ ने तुरंत देखा और कहा आओ आओ दोनों ने अपना समान अन्दर रखा और माँ को प्रणाम किया थोड़ी देर कुछ बात करने के बाद भाभी तुरंत किचेन में माँ के साथ काम करने लगी पिताजी बाथरूम से निकले और कपड़े पहन कर काम पर जाने के लिए तैयार हो गए.. ,तब रमेश और भाभी ने पिताजी को भी प्रणाम किया सबने मिल कर नाश्ता किया.फ़िर रमेश ने कहा की गाव में उसका कोई काम नही चल रहा है और घर की हालत ख़राब होती जा रही है इसलिए मौसी ने कहा है की शहर में जाकर कोई काम ढून्ढो...जब तक रहने का इंतज़ाम नही होता तब तक यहाँ रुकेंगे..अगर माँ पिताजी चाहे तो..माँ पिताजी दोनों ने कहा कोई बात नही..हमारा घर बड़ा है..एक कमरा उन्हें दे दिया मेरे बाजू वाला...और कहा पहले नौकरी देखो बाद में घर दूंढ लेना..नाश्ता करने के बा??? रमेश भी फ्रेश होकर नौकरी की तलाश में निकल गया. . रमेश के जाने के बाद भाभी माँ के साथ घर के काम में लग गई मै स्नान करने बाथरूम में गया और तैयार होकर बाहर आया.भाभी मेरे साथ थोड़ी देर बैठ कर बाते करने लगी..थोड़ी देर में हमारी अच्छी दोस्ती हो गई..भाभी का रंग गोरा था.और चुन्चिया एकदम कसी हुयी..पतली कमर...गोल उभरी हुई गांड....कुल मिलाकर भाभी एक चोदने की चीज़ थी..लेकिन अभी मेरे दिमाग में ऐसा कुछ नही आया . मुझसे बात करते हुए वो काम भी कर रही थी.,
शाम को रमेश वापस आया..उसे एक नौकरी मिल गई थी किसी लेथ मशीन पर.वो लेथ मशीन का ओपेरटर था..और उसकी तनख्वाह थी २०० रुपये रोज की. . दो दिन ऐसे ही बीत गए..मै उनके कमरे के बाजु वाले कमरे में ही सोता हु..दोनों कमरों के बीच की दीवार ऊपर से खुली है.. रात को दोनों के बीच झगड़ा होता था...भाभी की आवाज़ मैंने सुनी...तुम फ़िर से झड़ गए..मेरा तो कुछ हुआ ही नही...फ़िर से करो ना..लेकिन रमेश कहता था.तेरी चूत कोई घोडा भी चोदेगा तो ठंडी नही होगी..मुझे स???ने दे..ऐसा दो रात हुआ..भाभी उठ कर बाथरूम जाती थी फ़िर बड़बढ़ाते हुए वापस आ कर सो जाती थी.. भैय्या कहते थे..तू बहुत चुदासी है..तुझे संतुष्ट करना मुश्किल है..ख़ुद ही अपने हाथ से आग बुझा ले.. तीसरे दिन , पापा और रमेश नाश्ता करके अपने काम पर चले गए मै लेता था..भाभी मेरे कमरे में आई और कहा की नाश्ता करने चलो..माँ शायद बाथरूम में थी..मैंने किचेन में जा कर नाश्ता करना शुरू किया.भाभी मेरे एकदम से क़रीब आई और बड़े प्यार से बोली संजय..एक बात पूंछू ? ,मैंने कहा पूंछो ..भाभी बोली "किसी से बताओगे तो नही?" मैंने पूंछा ऐसी कौनसी बात है?और आप तो जानती हो मै चुगली नही करता. . भाभी फिर से बोली मै जानती हु लेकिन आप प्रोमिस दो आप किसी को नही बताएँगे मैंने कहा हाँ मै प्रोमिस देता हु.. तब भाभी ने धीरे से कहा मेरे और तुम्हारे भैय्या के लिए कोक शास्त्र ला दो., मैंने पूंछा ..क्यो? भाभी ने कहा तुम्हारे भाई को औरत की कैसे चुदाई की जाती है वो सीखना पड़ेगा वो मुझे संतुष्ट नही कर पता . मै ने कहा ठीक है मै ला दूंगा मै सुबह मार्केट में गया और एक बुक स्टोर से अच्छा कोक शास्त्र और दो चुदाई की कहानी की पुस्तक ले आया.घर आकर मैं ने चुदाई की पुस्तके पढी..मेरा लंड खड़ा हो गया..मैंने मूठ मारी..और पहली बार मुझे भाभी को चोदने का ख़्याल आया. कोक शास्त्र में चुदाई की कई तस्वीरे थी..फ़िर मैंने भाभी को तीनो पुस्तके दे दोपहर का खाना खाने के बाद भाभी वो पुस्त ले कर अपने कमरे में चली गई..पुस्तक पढते हुये वो गरम हो गई..मैंने दरवाजे से देखा वो अपने चूत में हाथ दल के मसल रही थी.. रात को डिनर के बाद 10:30 पीयेम बजे सब अपने बेडरूम में सोने गए मै ड्राइंग रूम में बैठ कर भाभी और रमेश भाई जो बात कर रहे थे वो सुन रहा था , रमेश ने भाभी की चुदाई की लेकिन उसे संतुष्ट नही कर सका और रोज की तरह जल्दी ही झड़ गया
. भाभी उसे समझाने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो सुनता ही नही था उसने कहा मुझसे फालतू बात मत कर तू कभी भी संतुष्ट नही होगी , अखिर में भाभी रूम से बाहर निकली और बाथरूम में गयी , बाथरूम से जब वापस आयी तब मैंने भाभी को रोका और भाभी का एक हाथ पकड़ के मेरे गरम लंडपर रख दिया , भाभी में मेरे लंड पर प्यार से हाथ फेरा और बोली ये तो बहुत बड़ा लंड है ..मैंने कहा जब लंड बड़ा और मज़बूत होगा तभी ज्यादा मजा भी आयेगा.. भाभी बोली लगता है एही सच है..लेकिन ये तो मेरी चूत फाड़ देगा भाभी ने कहा आप मूठ मत मरना संजू भाई मै रमेश के सोने के बाद तुमसे चुदाने आऊंगी , ये कह कर मेरे लंड को दबा के वो अपने रूम में चली गई.., जाते ही रमेश बोला यह दूध में शक्कर डाला ही नही है जाके शक्कर मिला के लाओ . भाभी बिना कुछ कहे वो दूध लेके बाहर आयी , और मुझे इशारे से किचेन में बुलाया..मै उनके पीछे किचेन में गया, भाभी धीरे से बोली कोई नींद की गोली है?मैंने कहा बहोत सी है , ममी पहेले लेती थी , मैंने दो गोली निकल के दी भाभी ने दोनों गोली पीस के दूध में डाली और शक्कर डाली फिर चम्मच से हिला के दूध तैयार किया , फिर वो बोली मुझे तुम्हारा लंड दिखाओ मैंने पाजामे से लंड बाहर निकला और भाभी के हाथ में दिया...भाभी उसे देख कर हैरान हो गई और बोली..बाप रे इतना लंबा और इतना मोटा..कितना सलोना और तगडा है आज मुझे इस लंड से चुदाना ही है..तुम आज मेरी चूत फाड़ दोगे...मेरा ७.५ इंच लंबा और २.५ इंच मोटा लंड उन्होंने हाथ में ले करा सहलायऍ ? , फ़िर कहा..आज मुझे पूरी औरत बना देना वैसा बोलके दूध अपने साथ लेके वो बेडरूम में चली गयी . मै अपने बिस्तर पर आ कर लेट गया और भाभी का इंतज़ार करने लगा..मेरा लंड भी बेताब हो गया था..मैंने पुस्तक में जैसा पढ़ा था और जो चुदाई की स्टाइल के तस्वीर देखी थी उन्हें याद करने लगा रात को डिनर के बाद 10:30 पीयेम बजे सब अपने बेडरूम में सोने गए , मै ड्राइंग रूम मेंबैठ कर भइया भाभी की चुदाई के मजे ले रहा था..आज भी रमेश जल्दी ही झड़ गया. मै बाहर बैठा सब सुन रहा था..भाभी ने उसे समझाया..लेकिन उनके बीच कहा सुनी होने लगी भाभी संतुष्ट नही हुयी.. भाभी उसे समझाने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो सुनता ही नही था , अपनी गलती मान ही नही रहा था.,
आखिर में भाभी रूम से बाहर निकली और बाथरूम में गयी , अपनी चूत को साफ किया और फ़िर पनि साड़ी से चूत को पोंछते हुए , बाथरूम से जब वापस आयी तब मैंने हिम्मत कर के उन्हें रोका और भाभी का एक हाथ पकड़ के मेरे गरम लंड पर रखा., भाभी के खप से उसे पकड़ा और फ़िर प्यार से उस पर हाथ फेरने लगी और बोली यह तो बहुत बड़ा लंड है , मैंने कहा बड़ा ही नही मजबूत भी है..तुम्हे संतुष्ट कर सकता है..बड़े और मोटे लंड से ही चुदाई का असली मज़ा आता है., भाभी बोली शायद यही सच है.तुम क्या कर रहे हो..मैंने कहा मूठ मार रहा ऊँ..भाभी बोली मत मारो मै अभी रमेश के सोने के बाद तुमसे चुदवाने आऊंगी., ये कह कर वो मेरे लंड को थपथपा के जाने लगी..मैंने उनकी चुन्ची को दबा दिया..वो उईई.कर उठी..और फुसफुसाके बोली..थोड़ा सब्र करो..सब दूंगी..राज्जा..पूरी नंगी होके चुदवाऊन्गी और वो अपने कमरे में चली गई.. जाते ही रमेश बोला यह दूध में शक्कर डाला ही नही है जाके शक्कर मिला के ले आओ . भाभी बिना कुछ कहे वो दूध लेके बाहर आयी और मुझे इशारा कर के किचेन में बुलाया..मै उनके पीछे उनकी गांड से मेरा खड़ा लंड टिका के खड़ा हो गया..उन्होंने भी मेरे लंड पर अपनी गांड और चिपका दी..फ़िर बोली कोई नींद की गोली है ?मैंने कहा बहुत है.. ममी पहले लेती थी मैंने दो गोली निकाल के दी भाभी ने दोनों गोली पीस के दूध में डाली और शक्कर डाल के फ़िर चम्मच से हिला के दूध तैयार किया फ़िर वो बोली मुझे तुम्हारा लंड दिखाओ , मैंने अपना पाजामा खोला और अपना मूसल बाहर निकला..उसक् ? सुपाडे के छेद से अब पानी निकल रहा था. उसने अब उसे हाथ में लिया..बाप रे ये तो दुगुना लंबा और मोटा है..मेरा 7.5 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड हाथ में लेने की कोशिश की..और कहा कितना सलोना है..और कितना तगड़ा है बोहोत मोटा है ये..मेरी चूत फाड़ डालेगा..और झुक के मेरे लंड को चूमा और कहा मेरा इंतज़ार करो ऐसा बोल के दूध अपने साथ ले के वो बेडरूम में चली गयी.
मै अपने बेड पर आ के पाजामा खोल के सो गया..लंड को मै सहला रहा करीब 20 मिनिट के बाद भाभी बेडरूम का दरवाजा खोल के मेरे रूम मे आई उसने आते ही मुझसे कहा संजय आज मेरी पूरी प्यास बुझा दो मेरी चूत को तुम्हारे मोटे लंड से तृप्त कर दो..मैंने भाभी को अपने बिस्तर पर मेरे ऊपर खीच लिया मै तो नंगा ही था, भाभी ने मेरे लंड को महसूस किया मै उन्हें चूमने लगा..उन्होंने फूस फुसते हुए कहा..इतना मोटा लंड मेरी चूत मे धीरे धीरे डालना संजू..मै उन्हें चूमते हुए उनका ब्लाउज खोलने लगा.अंडा ब्रा ऍ ?ही पहना था शायद रमेश से चुदवाते हुए वो पहले ही खोल चुकी थी..मैंने उनकी साड़ी भी खोल के नीचे फेंक दिया..अब सिर्फ़ पेटीकोट मे थी वो..कितनी गोरी थी..मै उन्हें चूमे जा रथ..और चुन्चिया मेरे हाथो मे थे..मस्त नरम मख्खन जैसी चुन्चिया थी..मैंने उनके पेट को सहलाते हुए नीचे चूत पर हाथ लगाया उफ़ लगा जैसे आग लगी है मैंने उनके चूची को आटा गूंथने जैसे मसला वो आह..ओह्ह.. कर रही थी लेकिन बहुत धीरे...फ़िर मैंने उनका पेटीकोट का नाडा खोल दिया और उसे नीचे खीच दिया..चड्डी भी नही थी..मैंने भाभी को मेरे बेड परलिटा दिया उफ़ क्या छोट थी पुस्तक मे कुंवारी लड़की की जैसी चूत थी ठीक वैसी ही चूत की दरार थी..मै तो पागल होने लगा..झुक कर चूत को चूमा..चूत गीली थी..मैंने दाने को ढूंढा उसे मसल दिया भाभी ऑफ़ कर उठी..फ़िर एक ऊँगली गीली चूत मे दाल दी..बहुत टाईट थी चूत..मेरी ऊँगली भी मुश्किल से जा रही थी..भाभी ने कहा अब मुझे पहले तुम्हारे लंड से च ोद दो.. .मैंने उन्हें और तडपाने के लिए अब मेरी जीभ चूत पर लगा दी और चूसने लगा अब भाभी बेचैन हो गई..अहह संजय..क्या कर रहे हो..आह्ह..इश..ओ माँ और जीभ चूत पर लगाने से उनकी चूत से और पानी निकलने लगा ..उन्होंने कहा पहले एक बार इस लंड को अन्दर दाल के चोद डालो..फ़िर बाद मे जो चाहे करना..मैंने कहा ठीक है..और मै उनके पैरों के बीच बैठ गया.मैंने देखा उनकी चूत का सूराख बहूत छोटा है..पास ही टेबल पर फेयर न लवली करें का नया ट्यूब था उसे मेरे लंड पर अच्छे से लगाया..और ऊँगली से भाभी के सूराख पर भी.., भाभी ने अपने पैर अच्छे से फैला दिए मैंने अपना लंड चूत पर रखा..भाभी ने तुरंत लंड हाथ मे पकड़ लिया और अपनी चूत पे रगड़ने लगी , थोड़ी देर के बाद मेरे लंड का सुपाडाअपने चूत के गुलाबी छेद पर रखा और फूसफुसाके बोली संजू ये इतना मोटा है तुम मेरी चूत का ख़्याल रखना..एकदम आहिस्ता आहिस्ता अन्दर डालो..मेरी चूत फाड़ मत देना...ये सुनकर मै और जोश म् ? आ गया..फ़िर भी मैंने लंड के सुपाड़े को अन्दर धकेला..और भाभी..उईई..माँ...कर के उछल पड़ी मैंने अब लंड को धीरे धीरे अन्दर घुसाने लगा लेकिन चूत बहुत टाईट थी..मैंने थोड़ा जोर लगाया और चुन्ची दबा के धक्का दिया आधा लंड अन्दर घुस गया और भाभी उछल पड़ी..मैंने देखा चूत से थोड़ा खून निकल आया..मै डर गया..मैंने पूंछा भाभी ज्यादा दर्द हो रहा है क्या..भाभी ने कहा तुम फिकर मत करो अन्दर डालो पूरा..आह्ह मजा आ रहा है..लेकिन भाभी के चेहरे पर दर्द दिख रहा था..मैंने आधे घुसे लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया.थोड़ी देर में भाभी ने कहा और तेज ..और तेज.आह..और मै जोश में आ गया.मैंने लंड को बाहर खीचा और पुरी ताकत से अन्दर दाल दिया और इस बार भाभी जोर से चीखने जा रही थी लेकिन अपने ही हाथो को मुँह में डाला और काट लिया उनकी कलाई से खून निकल आया लेकिन वो अब कमर उछालने लगी थीं मुझे चिपक रही थीं..आह..ऊह्ह....संजू..मै आने वाली हूँ..और जोर से..और...और फ़िर उन्होंने दो टिन झटके मारे और मुझसे चिपक गई..उनका पूरा बदन कांप रहा था पसीना निकल आया था और मेरे लंड पर भी बहुत गरम गरम लगा..उनका पानी..उन्होंने मेरा चुम्मा लिया और कहा....आज मेरी चूत पहली बार झड़ी है जिंदगी में..अब तुम जैसे चाहो चोदो मुझे..मैंने कहा तुम्हारी चूत से खून भी निकला है..उन्होंने कहा ..सच्च...मैंने अपना लंड निकल कर दिखाया..जो की लाल हो रहा था..वो मुझसे और जोर से लिपटी और कहा आज ही मै सही मायने में औरत बनी हूँ.. भाभी ने जिस तरह से चूत को झटके दिए उससे मै तो घबरा गया था..मै उनसे कुछ पूछने जा रहा था उन्होंने मेरा मुह हाथ से बंद किया और मेरा लंड वापस चूत में डालने का इशारा किया इस बार मैंने लंड को एक झटके में अन्दर डाला..भाही ने फ़िर से कमर उछालना शुरू किया..शायद अभी पूरी झड़ी नही थी..मेरे लंड को चूत में कस लिया मै उनकी चूची चूसते हुए जोर से झटके मारने लगा“ भाभी ने कहा संजय..बहुत मज़ा आया रहा है..तुम सच में अच्छा चोदते हो..और तुम्हारा ये मजबूत लंड आः..अब मुझे भी मेरे लंड में से कुछ निकलेगा ऐसा महसूस हो रहा था..लंड और कड़क हो के फुल रहा था..मैंने अब धक्को की स्पीड बड़ा दी मेरे धक्को से भाभी की चुचिया उछल रही थी..और ७-८ धक्को के बाद मैंने लंड को चूत की गहराई में पेल दिया और मेरे लंड से पिचकारियाँ निकलने लगी..एक निकली..दुसरी निकली..तीसरी..चौथी...और ऐसे क़रीब ७-८ मोटी धार की पिचकारी से भाभी की चूत पूरी भर गयी..मै उनके ऊपर ल???ट गया..वो मेरे बालों में हाथ फेरने लगी..फ़िर हमने एक दुसरे के होठों को बहुत जोर से चूमा.. ,क़रीब ५ मिनिट के बाद भाभी ने कहा अब लंड को बाहर निकाल लो..मै उठा और लुंड जो अभी भी आधा खड़ा था..उसे बाहर निकाला..पक्क की एक आवाज़ हुयी..और भाभी की चूत से मेरा लावा और खून दोनों बह कर चादर पर गिरने लगे , मैंने देखा पहले जो चूत सिर्फ़ एक पतली दरार दिख रही थी अब वो अंग्रेज़ी के "ओ" जैसी दिखने लगी थी , मैंने सोचा भाभी को अब रमेश का लंड बहुत ही छोटा लगेगा..
भाभी ने उठाते हुए आह्ह की आवाज़ की..मैंने अहिस्ता पूंछा क्या हुआ..उन्होंने कहा चूत चरपरा रही है.. मैंने उनका हाथ पकड़ कर खड़ा किया .. उसके बाद हम दोनों बाथरूम में गए..भाभी और मै दोनों नंगे ही थे.. बाथरूम में भाभी चूत साफ करने बैठी तो मैंने देखा और भी बहुत सा माल उनकी चूत से निकला..उन्होंने कहा..कितना माल निकाला है..रमेश का तो एक चम्मच ही गिरता है...ये तो क़रीब 10 चम्मच है..फ़िर उन् होंने मेरे लंड को साबुन लगा के धोया..लंड फ़िर खड़ा होने लगा..मैंने कहा भाभी और एक बार...भाभी ने कहा..देखते है..फ़िर हम दोनों बेद पर आ कर लेट गए नंगे..और सो गए..थोड़ी देर मैंने उनकी चूची मसली चुम्बन किया..उनकी चूत सह्लायी..भाभी भी मेरे लंड को सहला रही थी.. एक घंटे के बाद फिरसे मेरा लंड खड़ा हुआ अब मैंने भाभी को जगाने लगा.. वो जाग गई थोड़ी देर चुम्बन के बाद मैंने भाभी से कहा..मेरा लंड चुसो न..उसने पहले मना किया फ़िर किस किया..मैंने भाभी को कहा चाटो..उन्होंने चाटना शुरू किया मैंने कहा सुपाडे को मुह में लो..,उसने कोशिश की..लेकिन पूरा नही ले पा रही थी....मैंने भाभी से कहा तुम अपनी चूत मेरे मुँह के ऊपर रखो..वो दोनों पैर फैला के मेरे मुह पर बैठ गई..मैंने उन्हें कहा मेरे लंड को झुक के मुँह में लो..उसने किया..और इस तरह चूत चटवाते हुए क़रीब १२-१३ मिनिट में वो उह.. आह्ह..और जोर से चाटो..जीभ मेरे अन्दर तक डाल दो..आह्ह..उनकी चूत से पानी निकल के मेरे गले और चहरे पर बहने लगा था..मै उनकी कुंवारी गांड के छेद को ऊँगली से टटोल रहा था..और भाभी..आह्ह..मेरा होने वाला है..संजय..पूरी जीभ अन्दर डालो..और भाभी ने चूत मेरे मुँह पर दबा दी और झटके मारने लगी..इस बार उन्होंने अपने चूत के पानी से म???रा पूरा मुह भिगो दिया...और बदन ऐँठ कर शांत हो गई..थोड़ा चूसने के बाद मैंने भाभी को चार पाया बनाया और पिछे से चूत में लंड डाला...इस बार क़रीब ३० मिनिट से ज्यादा मैंने भाभी को चोदा..वो बिस्तर पर पेट के बल लेट गई..लेकिन मै चोदता रहा.. इस दौरान भाभी और ३ बार झड़ी..फ़िर मै पीछे से ही भाभी की चूत में झड़ गया.. और उनके पीठ के ऊपर लेट गया और सामने हाथ डाल कर चूची दबाता रहा..
इस तरह आधा घंटा सोने के बाद हम लोग फ़िर नंगे ही बाथरूम में गए ..तब सुबह के चार बज रहे थे..बाथरूम में साफ होने के बाद वापस आके मैंने भाभी को नंगी ही पकड़ के .बहुत ...चूमा .. मम्मे दबाये..फ़िर वो अपने कपड़े पहन कर बेड रूम में रमेश के पास चली गई.. अब तो मै भाभी को बहुत चोदता हू हपते में तीन चार रात तो भाभी मेरे ही बिस्तर पर रात गुजारती है, और चुदाई का पूरा मज़ा लेती है.. शायद इस बार भाभी गर्भवती है कह रही थी मासिक नही हुआ अभी तक...ये बच्चा मेरा ही है.. ये कहानी पढ़ने वाली सभी भाभियों और उनकी शादी शुदा सहेलियों से मै उम्मीद करता हू की वो भी मेरे इस अनुभव का लाभ उठाएँगी undefined कहानी पसंद आने पर मुझे मैल करे

Friday, May 30, 2008

प्यासी भाभी और उसकी सहेली पूजा

मेरा नाम अमित है मेरी कंप्यूटर सॉफ़्टवेर ओर हार्डवेयर का ऑफीस है गुजरात में मैं और मेरे घर वाले बहुत ही सिम्पल हैं इस लिए मेरा स्वभाव एक अच्छे लड़के की तरह है पर क्या पता एक दिन मेरी ज़िंदगी ही बदलने वाली थी वो ज़िंदगी एक भाभी ने और उसकी सहेली ने बदल दी उस भाभी का नाम पुष्पा भाभी था मैंने कभी उसे नहीं देखा था पर पुष्पा भाभी सब कुछ मेरे बारे में जानती थी एक दिन मेरे ऑफीस मे उसका फोन आया और कहने लगी यू आर अमित, मैंने कहा यस हां बोलिए क्या काम है? उसने कहा के मेरे घर का कंप्यूटर खराब हो गया है, पहले मैंने भाभी से कहा कि मेरा नंबर कैसे मिला तुम्हें, तब भाभी ने कहा कभी कभार मैं तुम्हारे ऑफीस के रास्ते से जाती हूं, तब तुम्हारे ऑफीस का नंबर मुझे तुम्हारे ऑफीस के बोर्ड पर से मिला, और मैंने कॉन्टेक्ट किया तुमसे, मैंने कहा अच्छा कल मैं आ जाता हूं, भाभी बोली नहीं अभी आना होगा, मैंने कहा जी अभी नहीं अभी रात के 8.00 बजे है तो मैं कल आ जाऊंगा और कहने लगी के मुझे आज कंप्यूटर में कुछ ज़रूरी काम है इस लिए तुम्हें अभी ही आना होगा, मैंने कहा जी अभी नहीं अभी रात के 8.00 बजे है तो मैं कल आ जाऊगा, पर वो भाभी नहीं मानी, कहने लगी के मुझे आज कंप्यूटर में कुछ ज़रूरी काम है फिर मुझे भी उस की बात माननी पड़ी और कहा ओके एड्रेस बताओ, फिर उसने अपना पता बताया तो वो ठीक मेरी बिल्डिंग के पास वाली बिल्डिंग थी और फिर मैं वो पते पर गया फिर मैने कंप्यूटर को देखा तो उसका पीछे का वायर लूज था फिर मैंने उसे ठीक कर दिया वो कंप्यूटर चालू हो गया बाद में मैंने कहा अब मैं चलता हूं मुझे घर जाना है काफ़ी देर हो गयी है पर भाभी ने मुझे कहा कि अब घर नहीं जाओ यहां आज सो जाओ, और मैं भी अकेली हूं तो आज मुझे सोने में अच्छा लगे, तब मैंने न कह दिया कि नहीं मैं यहां नहीं सोऊंगा, पर उसने मुझसे ज़्यादा रिक्वेस्ट किया और कहने लगी कि मेरे पति १५ दिन के लिए आउट ऑफ स्टेट गये हैं, और मुझे भी अकेला महसूस न हो,, और मुझे सोने के लिए बहुत मनाया, फिर मैंने कहा नहीं मेरे घर वाले भी मेरा इंतजार करते होंगे, बाद में भाभी कहने लगी कि तुम घर पर फोन कर के कहदो कि आज ऑफीस में काम होने के कारण मैं आज नहीं आ पाउंगा और मैंने घर पर फोन कर दिया और बाद में मैंने भाभी से कहा अरे मेरे पास तो नाइट ड्रेस भी नहीं है और भाभी उसके रूम में जाके पयज़ामा लेके आई और कहने लगी कि यह पहनलो बाद में मैं बाथरूम में जाके फ्रेश होके पयज़ामा पहन के बाहर आया बाद में मैं कहने लगा कि कंप्यूटर चालू है उसे बंद कर दो अब इतनी देर क्यों चालू रखा है, भाभी कहने लगी कि मुझे उस पर अभी काम है मैंने कहा कि क्या काम है, उसने कहा कि मैं रोज़ रात को ब्लू फिल्म देखती हूं और भाभी मुझेसे कहने लगी कि क्या तुम्हें पसंद है ब्लू फिल्म मैंने कहा नहीं मुझे बिल्कुल नहीं पसंद है ब्लू फिल्म और मैं नींद का बहाना कर के कहा मुझे नींद आने लगी है मुझे सोना है और तुम देखो मुझे अब सोना है बाद में भाभी मुझे सोने का बेड दिखाया और कहा यहां सो जाओ और मैं बेड पर लेट गया बाद में ज़रा उठ कर देखा कि आख़िर भाभी क्या कर रही है तो, सच में भाभी एक एडल्ट ब्लू सेक्सी फिल्म देख रही थी मुझे उसमें इंटरेस्ट नहीं था इस लिए मैं वापस बेड पर आके लेट गया करीब थोड़े टाइम के बाद मैं देखा के मेरे पयज़ामा पर कुछ कोई मेरे लंड को सहला रहा है मैंने आंखे खोल कर देखा तो भाभी मेरे पास आकर सोई हुई थी मैं घबरा गया बाद में मैंने सोने की एक्टिंग कर के देखा रहा था तब थोड़ी देर देखता रहा तो वो और भी जोश में आके मेरा लंड को ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगी बाद में थोड़ी देर बाद वो धीरे धीरे मेरे पयज़ामे में हाथ डालने लगी जैसे मैंने उठने की कोशिश की और मैं भाभी को कहने लगा कि यह क्या कर रही हो तो, भाभी कहने लगी कि मुझे बहुत सेक्स चढ़ गया है मुझे तुमसे चुदवाना है, मैंने कहा नहीं मैं यह काम नहीं करूंगा, मैंने किसी को यह न करने का वादा किया है, पर उस भाभी ने मेरी बात ही नहीं सुन रही थी पर भाभी कहने लगी ओके पर मैं वो भी करने मना कर दिया पर भाभी सेक्सी फिल्म देख कर बहुत ही गरम हो गयी थी इसलिए वो नहीं मान रही थी और मैंने भाभी को कहा कि अगर तुमने मुझे अब छुआ तो मैं यंहा से चले जाऊंगा बाद में भाभी भी कहने लगी के ओके मुझे मत चोदना पर मुझसे खेल तो सकते हो तब भी मैं कहा प्लीज़ मुझे यह सब भी पसंद नहीं है, तब भाभी थोड़ा गुस्सा कर के कहा अगर यह भी मुझसे नहीं किया तो मैं पूरे बल्डिंग वाले को जगा दूँगी कि तुम मेरे घर जबर जस्ती आए हो, और मुझे परेशान करते हो, तब मैं और घबरा गया तब मैंने कहा ओके सिर्फ़ तुम मेरे साथ खेल सकती हो पर मैं तुम्हें नहीं चोद सकता उसने कहा ठीक है बाद में भाभी अपने कपड़े पूरी तरह से निकाल दिया और मेरा वाइट टी - शर्ट उतार लिया बाद में वो मुझसे कहने लगी कि अब मेरे ये बूब्स के निप्पल को थोड़ा अपने हाथ के उंगली से मसल और मैं मचलने लगा और बाद मेँ कहा अपना मुँह ज़रा मेरे मुँह के पास लाओ, जब मैं मेरा मुँह उसके करीब ले गया तो उसने अपने हाथ से मेरा सर पकड़के उसका मुँह मेरे मुँह से किस करने लगा, और वो ज़ोर ज़ोर से स्मूच करने लगी, मैंने कहा अब बस करो मेरा दम घुट रहा है, तब वो और भी जोश में आके उसने करीबन १८-२० मिनिट तक स्मूच किया, तब भाभी अपने हाथ से मेरा हाथ लेके वो अपने बूब्स पर रख दिया और कहने लगी कि अब तुम अपने हाथ से मेरे बूब्स और उसके निप्पल को थोड़ा दबाओ और फिर वो अपने हाथो से मेरे पयज़ामे में धीरे धीरे हाथ डाल दिया और फिर थोड़ा मेरे लंड को हिलाने लगी, और कहने लगी कि यह क्या तुम्हारा लंड कितना छोटा है, पर मैं सच यह कभी नहीं किया था इसलिए मैं घबरा रहा था इसलिए मेरा लंड खड़ा नहीं हो रहा था पर भाभी ने कहा अच्छा इसे मैं अभी ठीक कर देती हूं, फिर वो मेरा पाएजामा उतार लिया, और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी फिर भाभी मुझसे कहने लगी कि तुम अब मेरे चुचियां को मुँह में लो और एक हाथ से मेरे चुत के ऊपर तुम्हारी उंगली फिराओ और बस थोड़ी उंगली फिराने के बाद वो और भी गरम हो गयी, और वो फिर मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और वो कहने लगी कि थोड़ा तुम करो अभी मैंने कहा नहीं मैंने किसी को वादा किया है तुम्हें तो मैंने बताया है मैं नहीं करूँगा तुम्हें और भाभी सोचने लगी कि अब क्या करूं, फिर वो अचानक मेरे सर पर अपनी चुत रगड़ने लगी, और कहा अब मैं अपना हवश ऐसे ही पूरा करूँगी, बस फिर वो ज़ोर ज़ोर से मेरे मुँह को रगड़ रही थी और मैंने कहा इसमें से तो पानी आ रहा है, भाभी ने कहा यह मेरे चुत का पानी है, तब मेरा मूह पूरा उसके चुत के पानी से भर गया था,फिर भाभी ने मेरे लंड को चूसने लगी और कहे रही थी कि तुम मेरे चूत को ज़ोर ज़ोर से चूसो नहीं तो मैं तुम्हारे लंड को खा जाउंगी फिर मैं मजबूर हो के थोड़ा थोड़ा चूसता रहा और भाभी मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से मुँह में हिला रही थी और क्या पता मेरे लंड में एक गर्मी महसूस हुई और मेरे लंड से गरम पानी निकला और पुष्पा भाभी हँसने लगी और कहने लगी कि तुम्हारा इतना गाढ़ा पानी और फिर मैंने कहा कि अब मुझे नींद आ रही है मैं सो जाता हूं पर भाभी मेरे ऊपर पूरे रात तक पड़ी रही और मुझे किस देने लगी यह होने के बाद ८ दिन के बाद फिर भाभी का फोन आया और कहा कि मुझे आज फिर वही करना है, मैने इस बार न कह दिया पर वो मुझसे कहने लगी कि अगर तुम आज रात नहीं आए तो, मैं यह सब से और मेरे पति से कह दूँगी और फिर मुझे उसकी बात माननी पड़ी और ९.००बजे मैं उसके घर गया और वहां जाके देखा तो उसके साथ और एक उसकी सहेली थी, मैने भाभी से कहा यह कौन है, भाभी कहने लगी कि यह मेरी सहेली पूजा है, और उस दिन की सारी बातें मैंने पूजा को बताई तो वो अब मुझसे ज़िद करने लगी और कहने लगी कि अब फिर से अमित को बुला और हम साथ में ही ऐसा करेंगे और मै पुष्पा भाभी को कहने लगा कि यह सारी बातें तुम अपनी सहेली पूजा को नहीं बताना चाहिए था और फिर दोनो कहने लगे जाने दो अब क्या अब यह सब बात भूल जाओ, और पूरी रात एंजाय (मज़े) करते हैं पर मैंने कहा पर हां मैं सिर्फ और सिर्फ और हस्त मैथुन और मुख मैथुन करूँगा तब दोनो ने कह दिया कोई बात नहीं यही करेंगे और फिर दोनो अपने अपने कपड़े निकाल दिये, और मुझे भी नंगा कर के वो कहने लगे कि नहीं अमित आज तो हम तुझसे चुदवायेंगे ही, उसके बिना तुझे आज नहीं जाने देंगे मैंने कहा यह ग़लत बात है मैने किसी को वादा किया है और तुम्हें तो यह मैंने हर बार कहा है, और मुझे यह सब पसंद भी नहीं है पर वो लोग पूरी तैयारी किये रखी थी और बाद में पूजा ने मुझे एक गोली दी और खा इसे पिलो मैंने कहा यह क्या है, कहने लगी कि यह विएग्रा की गोली है इससे सब लोगो को मज़ा आयेगा फिर मुझे वो गोली खिला दी , फिर भाभी ने मुझे बिस्तर पर लिटा के कहा कि अमित मैं तुमसे चूदवाना चाहती हूं, उस दिन मैं प्यासी की प्यासी रह गयी पर आज मैं तुम्हें नहीं छोड़ने वाली फिर पूजा ने मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर चूसने लगी और भाभी को कहा अब तुम अमित के मुँह पर अपनी चूत रख दो और फिर भाभी ने ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत घिसने लगी फिर अपने बूब्स को मेरे हाथ में दे दिये और कहा इसे ज़ोर ज़ोर से दबाओ, और मैं मजबूरी के कारण मैं सब करने लगा, और पूजा ने तो मेरा लॅंड खड़ा होते ही मुझे ज़ोर से काट लिया, और कहने लगी अब मैं अमित के लंड को मेरा मज़ा चखाऊंगी फिर वो उसकी चूत में मेरा लंड डालने लगी, तब मेरा थोड़ा लूज था और नहीं जा रहा था, तब फिर से वो मेरे लंड को मुँह मेँ लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने, और हिलाने लगी ओर कह रही थी, कम ओन, कम ओन, फिर थोड़ी देर के बाद थोड़ा खड़ा हो गया तब चूत में लंड डालने लगी और थोड़ा गया और कहने लगी अब जा रहा है अमित का लंड, और फिर उसने मेरे ऊपर पूरा का पूरा मेरा लंड उसकी चूत में डाल दिया फिर पूजा ने मुझ पर ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे करने लगी और अचानक भाभी कहने लगी अब मुझे करने दे तब पूजा नीचे उतर गयी और भाभी ने मेरा लंड अपनी चूत में धकेल दिया और कहने लगी कि वाह क्या लंड है, और वाकई में मैं महसूस करता था कि उसकी चूत वाकई में भाभी की चूत बहुत ही गरम थी और ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगी और मेरे गोटे को दर्द होने लगा क्योंकि भाभी की गांड बहुत भारी थी और पूजा मुझे उसके बूब्स चुसवाने लगी और बाद में भाभी लगभग २० मिनट तक मेरे लंड से खेली उसके बाद फिर से पूजा की बारी आयी, और वो तब बहुत गरम हो गई थी मुझ पे चढ़ी और बस तब मेरा लंड जवाब देने लगा था और आख़िर वो ४ या ५ शॉट उछालने के बाद मेरा पानी छूट गया, तब वो मुझसे चिढ़ गयी और कहने लगी कि यह क्या मुझे तो मज़ा भी नहीं आया, और मुझे गाली देने लगी, तब भाभी बोली कोई बात नहीं अब थोड़े टाइम के बाद फिर से करते हैं, क्या पता गोली का असर इतनी जल्दी उतर गया कैसे पूजा बोली कि गोली का असर शायद अब हो तो , तब भाभी ने कहा तब मज़ा ले लेना मैं ने कहा नहीं अभी नहीं प्लीज़ मुझे जाने दो पर वो नहीं मानी कि नहीं अभी रात भर हम तुझे परेशान करेंगे ,फिर मैंने कहा मुझे पेशाब करनी है तब पूजा ने कहा हां मुझे भी लगी है चल साथ में करते हैं, हम दोनो साथ गये पेशाब करने , पहले मैंने पेशाब किया बाद में पूजा पेशाब करने लगी तब मैं थोड़ा दूर हो गया था, तब कहा अमित ज़रा इधर आना मैं पूजा के पास गया तो उसने मेरा सर पकड़ कर उस पर पेशाब करने लगी, मैंने कहा यह क्या कर रही हो, उसने बोला मुझे ऐसा करने में मज़ा आता है, फिर वो जबर जस्ती मुझे अपनी पेशाब चटवाई, और कहा अमित क्या तुम्हें और पेशाब लगी है, मैंने कहा नहीं मैंने अभी तुम्हारे सामने की है, वो बोली नहीं देखो मैं क्या करती हूं तुम पेशाब करने का ज़ोर करो मैं तुम्हारा लंड चूसती हूं कभी आ जाए तो, मैंने ज़ोर लगाया और उसने इतनी ज़ोर से मेरे लंड को चूसा कि मेरे लंड में से थोड़ा पेशाब आ गया और कहने लगी कि वाह क्या पेशाब पीने का मज़ा आया, और फिर मैं अपने लंड को धोके बाहर आ गया और भाभी ने और पूजा ने मेरे को फिर से बेड पर लेटा दिया और एक तरफ भाभी और एक तरफ पूजा थी और भाभी ने कहा अमित आज हम लोग चाह रहे है कि तेरा रेप कर दें, पर तू इतना अच्छा है कि हम को यह नहीं करना चाहिए, और फिर वो दोनो मुझसे किस करने लगे और पूजा मेरा लंड चूसने लगी, और भाभी ने थोड़ा और ऊपर आके उसके बूब्स को चुसवाने लगी, और पूरा का पूरा वजन मुझ पर डाल दिया, यह काम भाभी का चालू था और ,पूजा पूरी गरम हो कि वो फिर से मेरे लंड पर चढ़ बैठी और ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड और पूरे शरीर को हिलाने लगी , और उसने लग भग ३५ मिनट तक करती रही और वो भाभी को कहने लगी कि मेरी चूत ४ बार पानी छोड़ दिया है, और फिर मैंने कहा अरे अब बस करो मेरा लंड दर्द कर रहा है, पर वो लोग इतने जोश में आ गये थे कि मेरी बात नहीं सुन रहे थे, तब फिर भाभी ने कहा मुझे करने दो, पर पूजा नहीं मान रही थी और कहने लगी नहीं जब तक अमित दूसरी बार पानी नहीं छोड़ेगा, तब तक मैं करती रहूंगी, और वो पूरी होश के बाहर चली गयी थी और आख़िर थोड़ी देर बाद वो मेरे लंड को बाहर निकाला और फिर चूसने लगी और कहने लगी अमित अपना लंड को मत बैठाओ मुझे मज़े लेने दो , फिर ज़ोर ज़ोर से लंड को खड़ा किया और फिर अपनी चुत में डाल दिया जब वो मेरा लंड अंदर डाला तो मेरे लंड को दर्द देने लगा अरे पूजा मेरे लंड को निकाल दो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, पर पूजा ने यह भी बात नहीं मानी और ज़ोर ज़ोर से मज़े लेने लगी, और काफ़ी देर बाद मेरा लंड पानी छोड़ दिया पूजा की चूत में, मैं और पूजा थोड़ी देर तब एक दूसरे को लिपट कर पड़े रहे, मेरे तो होश ही उड़ गये थे तब, मुझे तब नींद आ गयी थी। फिर थोड़ी देर के बाद दोनो को और करने की इच्छा हुई , तब उन दोनो सोचा कि अब अमित अपने को नहीं करने देगा और मैं तब सो गया था, जब मेरी नींद खूली तब वो लोग मेरे हाथ और पाव बाँध दिये थे , और फिर वो लोग कहने लगे अमित एक बार और हमें करना है, और इस टाइम हम अपनी गांड मरवाना चाहते है, मैंने उनको रिक्वेस्ट किया कि नहीं प्लीज़ अभी नहीं मेरा लंड बहुत दर्द कर रहा है, और तुम्हारी गांड तो कितनी बड़ी है उसे मैं नहीं झेल सकता , , पर पूजा कहने लगी नहीं, हमको तुझे करना ही होगा नहीं तो हम जबर जस्ती में आ जाएगे, मैंने कहा मेरे हाथ पाँव तो खोल दो, पर कहने लगे कि इस टाइम हम गांड वाले है, इसलिए तुझे दर्द कुछ ज़्यादा ही होगा, और हमें भी दर्द होगा इसलिए तुम नहीं करने देगा हमें , इसलये तुझे बाँधे हुए है, और उसने कहा अब तुम चिंता मत करो थोड़ा मेरे पास जेली क्रीम है वो लगा के करेंगे तब कुछ नहीं होगा, फिर से दोनो जन मुझ पर सवार हो गये, और पूजा ने कहा पुष्पा भाभी पहले तुम चालू हो जाओ, बाद में मैं करूँगी, और बाद में मेरे लंड के ऊपर क्रीम डाली और मेरे लंड को ऐसा झटका लगा कि मेरी हवा ही निकल गयी, क्योंकि वो क्रीम में एल्कोहल होता है इसे पहले थोड़ा दर्द हुआ मेरे लंड को, फिर पूजा ने पुष्पा भाभी की गांड में क्रीम लगाया, और करने की पोजिशन में आ गई, पर लंड अंदर नहीं जा रहा है तब पुष्पा भाभी ने कहा पूजा लंड अंदर नहीं जा रहा है, तब पूजा ने मेरा लंड पकड़ा और भाभी की गांड में डाला तब भी बहुत टाइट जा रहा था, तब पूजा ने भाभी की गांड को अपनी उंगली से थोड़ा अंदर बाहर करने लगी, फिर दो उंगली डाली फिर तीन उंगली डाली तब देखा कि पुष्पा भाभी की गांड का छेद थोड़ा खुल गया था तब फिर मेरा लंड लेकर पुष्पा भाभी की गांड में डाला तब मेरा लंड बस 2 इंच ही जा रहा था, और मैं चिल्ला रहा था भाभी बस अब बस, तब पूजा ने मेरे मुँह पर उसका मुँह रख दिया और उसकी साँस मेरे मुँह के अंदर आ रही थी और मेरी आवाज़ कम सुनाई देने लगी, पर उसे तो और जोश आ रहा था, वो और भी ज़ोर ज़ोर से मुझसे अपनी गांड मरवाने लगी, और मेरे होश उड़ने लगे थे, फिर भाभी थोड़ी देर बाद थकने लगी, तब पूजा बोली अरे पुष्पा तुझमें तो कुछ दम ही नहीं है, हट अभी मुझे गांड मरवाने दे, भाभी थक गयी थी इस लिए वो हट गयी, फिर पूजा ने कहा अब पुष्पा तू लेट जा पुष्पा लेट गयी, फिर उसके ऊपर मुझे लेटाया, मैं पुष्पा के ऊपर था फिर मेरे ऊपर पूजा चढ़ गयी और मेरा लंड पकड़ कर अपनी गांड में डालने लगी पर पूजा ने क्रीम नहीं लगाई थी, इसलिए फिर उतर कर क्रीम लेके अपनी गांड में लगाई, फिर चढ़ी और मेरे लंड को अपने हाथ से अपनी गांड में डालने लगी पर नहीं जा रहा था मैंने कहा नहीं जा रहा है तो अब उतर जाओ बस हो गया, तब पूजा ने कहा यह मैं करके रहूंगी, तब पूजा ने कहा पुष्पा नीचे से हाथ डाल और अमित का लंड मेरी गांड में डाल, तब पुष्पा ने नीचे से हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़ के पूजा की गांड में डालना चाहा पर टाइट हो रहा है, तब पूजा ने कहा अमित के लंड को मेरे गांड के होल के सामने कर मैं ज़ोर से झटका देती हूं, और जब पूजा ने ऐसा झटका दिया कि पूरा लंड पूजा की गांड में चला गया, और बाद में कहने लगी अमित अब तू तो गया, मैं तो इसकी बात सुन कर घबरा गया, मैंने कहा पूजा ऐसा मत करो मैंने मेरा लंड छिल जाएगा, पर वो कहा अमित हम दोनो को तेरा यह लंड अच्छा लगा है इसलिए इसको हम इतनी आसानी के साथ कैसे छोड़ सकते है, फिर पुष्पा भाभी नीचे से मेरी गांड के होल में अपनी उंगली डाल रही थी उसने मेरी गांड में उसकी बीच की उंगली पूरी की पूरी डाल दी, फिर पूजा भी गांड मरवाते मरवाते थक गयी, फिर उसने नेप्किन पेपर लिया और मेरे लंड को साफ किया, फिर उसने मुँह से में मेरे सुपारे को चाटने लगी और नीचे से पुष्पा भी ऊपर आ गयी, और मुझे लिटा के पुष्पा ने मेरे सर पर उसकी चूत रख दी और ज़ोर ज़ोर से मेरे मुँह से रगड़ने लगी, और कहने लगी इसको चूसो अमित, और पुष्पा की चूत का पानी मेरे मुँह और गाल से भर गया मैंने कहा पुष्पा तुम्हारे चूत का पानी बहुत ही बाहर आ रहा है, पर उसने बोला कि बस थोड़ी देर और मैं झड़ने वाली हूं, फिर मेरे हाथ की उंगली को लेके पुष्पा अपनी गांड में डालने लगी और नीचे मेरे लंड चूसने का पूजा मज़ा ले रही थी, वो थूक लगा के मेरे लंड को चूस रही थी, और बस अचानक मेरे लंड का पानी पूजा के मूह में छूट गया, और मैं ठंडा पड़ने लगा पर पुष्पा अभी तक नहीं झड़ी थी, और मेरे 3 मिनट के बाद वो झड़ गयी और मेरा मुँह को पूरा भर दिया था फिर मैंने कहा बस अब नहीं, पर वो लोग कहा अब तुम्हें इसी तरह कभी कभार आना पड़ेगा, मैंने न कह दिया अब अपना सेक्स इतने ही तक है पर वो दोनो नहीं माने कहने लगे कि अगर हम बुलाए और तुम नहीं आए तो, तुम्हारे और हमारे बीच जो हुआ है वो सब को बता देंगे, मैंने कहा यह तो ब्लॅक मैल है, तब पूजा ने कहा यह ब्लॅक मैल नहीं यह तो हमारी चूत का नशा हे तुम्हारे कुंवारे लंड का मज़ा लेने के लिए और वो दोनो हँसने लगे और इस तरह जब दोनो मुझे बुलाते है तब मुझे जाना पड़ता है और भाभी और पूजा अपनी मज़े लेने लगते है। तो मेरे इंडिया के भाभी और आंटी तुम्हारी क्या राय है मुझे कैसे इनसे छुड़ा सकते है